
नई दिल्ली, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ने के लिए एक लाख रुपये के बांड भरने की शर्त को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है। जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने दिल्ली विश्वविद्यालय के वकील को इस याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी।
याचिका दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले अंजलि और अभिषेक कुमार ने दायर की है। दोनों याचिकाकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का आगामी चुनाव लड़ना चाहते हैं। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ने के लिए एक लाख का बांड भरने की शर्त उन छात्रों को चुनाव लड़ने से रोकेगा जो ये बांड की रकम नहीं भर सकते हैं। ऐसा करना मनमाना है और साधारण पृष्ठभूमि के छात्रों के साथ नाइंसाफी है। इन नोटिफिकेशन के लागू होने के बाद केवल वे ही छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ पाएंगे जिनके पास भारी भरकम पूंजी और संसाधन है।
याचिका में कहा गया है कि नोटिफिकेशन के पीछे दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन भले ये कहता हो कि ये प्रावधान शहर में पोस्टर लगाने और दीवारों को विरुपित करने से रोकने के लिए किया गया है लेकिन यह लोकतांत्रिक भावना के अनुरुप नहीं है। ये नोटिफिकेशन सीधे तौर पर आम छात्रों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखने की साजिश है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का ये नोटिफिकेशन संविधान के अनुच्छेद 14 और 19(1)(ए) और 21 का उल्लंघन करता है।
(Udaipur Kiran) /संजय
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(Udaipur Kiran) / प्रभात मिश्रा
