शिमला, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश में इस बार का मॉनसून काफी तबाही लेकर आया है। लोक निर्माण विभाग को अब तक 1444.56 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है। इसमें से 158 करोड़ रुपए का नुकसान केवल 24 से 26 अगस्त के बीच हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुआ है। यह जानकारी बुधवार को प्रदेश विधानसभा में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विशेष वक्तव्य के दौरान दी।
मंत्री ने बताया कि इस मॉनसून में अब तक 5667.72 किलोमीटर लंबी सड़कें, 34.04 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और 70 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। केवल 24 से 26 अगस्त के बीच ही 1091 सड़कें टूट गईं और 7 पुल बह गए हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर डंगे टूट गए हैं, भारी भूस्खलन हुआ है और विभाग की संपत्तियों को बहुत नुकसान हुआ है। लेकिन इसके बावजूद विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पूरी ताकत से बहाली के कार्य में लगे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की पुनर्बहाली के लिए विभाग ने 912 मशीनें लगाई हैं। इनमें 161 जेसीबी, 43 डोजर, 11 टिप्पर, 462 निजी जेसीबी और 120 निजी टिप्पर शामिल हैं।
कुल्लू और मनाली में सबसे ज्यादा तबाही
मंत्री ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान कुल्लू जिले में हुआ है, जहां भारी बारिश से अब तक 30 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। मनाली में पुरानी मनाली को जोड़ने वाला 27.5 मीटर लंबा मनालसु स्टील पुल बाढ़ में बह गया है।
ब्यास नदी की बाढ़ से पतलीकूहल पुल, 17 मील पुल का पहुंच मार्ग, सेउबाग पैदल पुल और जयधर पुल को भी नुकसान पहुंचा है। इस समय कुल्लू से मनाली को जोड़ने वाला सिर्फ रायसन पुल ही कार्यशील है।
पुलों और संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण के लिए कुल 15 करोड़ रुपए की जरूरत है। इसके अलावा भूतनाथ पुल के कुल्लू की ओर का 50 मीटर संपर्क मार्ग बह गया है, जिसे दोबारा बनाने के लिए 60 लाख रुपए चाहिए।
लग घाटी और पहाल्लाह घाटी में 9 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि कुल्लू की लग घाटी और पहाल्लाह घाटी सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में हैं। इन दोनों क्षेत्रों में सड़कें, पुल और पुलिए बह गए हैं। यहां अनुमानित नुकसान 9 करोड़ रुपए से अधिक है।
कांगड़ा और चंबा में भी भारी नुकसान
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि 25 और 26 अगस्त को कांगड़ा जिले में हुई भारी बारिश से 30 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं चंबा जिले के डलहौजी वृत्त में 24 से 26 अगस्त के बीच करीब 25 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
इस दौरान चंबा जिले में 234 सड़कें बंद हो गई हैं। भरमौर, सलूणी, तीसा, चंबा और किलाड़ मंडलों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
डोजर ऑपरेटर की गई जान, फिर भी बहाली कार्य जारी
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार काम में जुटे हैं। इस कठिन समय में दो डोजर ऑपरेटर की जान भी चली गई है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी सड़कों को बहाल करने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की पूरी टीम जमीनी स्तर पर काम कर रही है और सरकार आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने सभी से सामूहिक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर हिमाचल को फिर से पटरी पर लाएंगे।
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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा
