
कोलकाता, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । तृणमूल कांग्रेस के मुर्शिदाबाद जिले के बड़त्रा से विधायक जीवनकृष्ण साहा एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिकंजे में आ गए हैं। सोमवार को उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था।
सूत्राें के अनुसार, एजेंसी अब उनके विधानसभा वेतन से जुड़े बैंक खाते की जांच शुरू करने जा रही है, जिसमें भ्रष्टाचार से जुड़े लेनदेन होने की आशंका जताई गई है।
साहा को इससे पहले अप्रैल 2023 में एसएससी भर्ती घोटाले के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उस समय उन्हें लगभग 13 महीने जेल में रहना पड़ा। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके सभी बैंक खातों को सील कर दिया था, जिसके चलते विधानसभा की ओर से मिलने वाला वेतन और विभिन्न समितियों की बैठकों में भागीदारी का भत्ता उनके खाते में भेजना बंद कर दिया गया।
मई 2024 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने दोबारा विधायक के रूप में कामकाज शुरू किया। इसके लिए विधानसभा सचिवालय से गुहार लगाकर अपने वेतन खाते को फिर से चालू करवाया। तब से अब तक साहा ने इस खाते के जरिए कई वित्तीय लेनदेन किए, जिसकी जानकारी ईडी को जांच के दौरान मिली।
विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी विधायकों को विधानसभा की ओर से वेतन के लिए एक विशेष खाता खोला जाता है। विधायक पद की अवधि पूरी होने तक वेतन और भत्ते इसी खाते में आते हैं और बाद में पेंशन भी इसी खाते से दी जाती है। साहा का यह खाता 2021 में पहली बार विधायक बनने पर खोला गया था।
वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रत्येक विधायक को वेतन और भत्तों सहित 1.21 लाख रुपए प्रति माह मिलता है। इसमें साहा को विधायक के रूप में लगभग 61 हजार वेतन और उच्च शिक्षा विषयक समिति एवं सब-ऑर्डिनेट लेजिस्लेटिव कमिटी की बैठकों में भागीदारी से अतिरिक्त राशि मिलती रही। जेल से रिहाई के बाद विधानसभा ने उनके लंबित वेतन और भत्ते भी इसी खाते में जमा कराए।
हालांकि विधानसभा सचिवालय का कहना है कि अभी तक ईडी की ओर से औपचारिक रूप से किसी तरह की जानकारी नहीं मांगी गई है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि आगामी दिनों में जीवनकृष्ण साहा का यह वेतन खाता ईडी द्वारा सीज किए जाने की पूरी संभावना है।———————
(Udaipur Kiran) / ओम पराशर
