Chhattisgarh

संस्कृति और परंपरा का अनूठा पर्व चक्रधर समारोह का आगाज आज से , सुरों और थापों से गूंजेगा रायगढ़

चक्रधर समारोह रायगढ़

रायगढ़ , 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की सांस्कृतिक पहचान और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह का 40वां संस्करण आज बुधवार से आरंभ हो हाेने जा रहा है। 10 दिवसीय इस भव्य आयोजन में देश-प्रदेश के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह का आयोजन आज से 5 सितम्बर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से जिला मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय लोक कलाकार प्रतिभागी शाम 5 बजे से 6.30 बजे तक अपनी मनमोहक प्रस्तुति देंगे।

इस संबंध मे कलेक्टर ने आज बताया कि चक्रधर समारोह 2025 का शुभारंभ आज शाम 7 बजे राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। उन्होंने बताया कि समारोह की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। पांच हजार से अधिक क्षमता वाला दर्शकदीर्घा बनाया गया है। समारोह के सुचारू संचालन हेतु अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जो लोग कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए टीवी चैनलों के माध्यम से सीधा प्रसारण की व्यवस्था की गई है।

आज शाम डॉ. कुमार विश्वास काव्य से श्रोताओं को करेंगे भावविभोर

समारोह का शुभारंभ आज गणेश वंदना से होगा, जिसे स्व.वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात दिल्ली के पंडित राजेन्द्र गंगानी कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इस दिन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध कवि डॉ.कुमार विश्वास रहेंगे, जो अपनी ओजस्वी वाणी और काव्य से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे।

28 अगस्त: शास्त्रीय नृत्य और संगीत का होगा संगम

दूसरे दिन सुनील मानिकपुरी लोक कर्मा गायन, राजनंदिनी पटनायक ओडिसी, प्रियंका सलूजा कथक, डॉ. राखी रॉय भरतनाट्यम, पं. उदय कुमार मल्लिक शास्त्रीय गायन, देविका देवेन्द्र मंगलामुखी एवं पूजा जैन कथक पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

29 अगस्त : भरतनाट्यम और लोक रंग से सजेगा मंच

तीसरे दिन गीतिका वैष्णव का गायन, कमलेश यादव की नृत्य नाटिका, गुरू बाला विश्वनाथ का भरतनाट्यम, आरू साहू का छत्तीसगढ़ी लोकगीत, पं.योगेश शम्सी का तबला वादन, भवप्रीता डांस एकेडमी, राधिका शर्मा एवं अंजली शर्मा की कथक प्रस्तुतियां होंगी।

30 अगस्त : पद्मश्री राधेश्याम बारले अपने अनुपम पंथी नृत्य से मंच को करेंगे जीवंत

30 अगस्त को डॉ.दीप्ति राउत्रे ओडिसी, इशिका गिरी कथक, भूमिसुता मिश्रा व लिप्सा रानी बिस्वाल ओडिसी प्रस्तुत करेंगी। पद्मश्री राधेश्याम बारले अपने अनुपम पंथी नृत्य से मंच को जीवंत करेंगे।

31 अगस्त : भरतनाट्यम, शास्त्रीय कला और कथक की होगी प्रस्तुति

31 अगस्त को आद्या पाण्डेय द्वारा भरतनाट्यम, सुश्री शैल्वी सहगल द्वारा कथक, एम.टी.मृन्मयी द्वारा भरतनाट्यम, डॉ.मेघा राव द्वारा गायन, डॉ.कृष्ण कुमार सिन्हा द्वारा कथक, अश्विका साव द्वारा कथक, अराध्या कुमारी सिंह द्वारा शास्त्रीय संगीत एवं अन्विता विश्वकर्मा शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगी।

1 सितम्बर : पद्मश्री डॉ.अश्विनी भिड़े देशपांडे देंगी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति

01 सितम्बर को डॉ.योगिता मांडलिक द्वारा कथक, हीना दास द्वारा ओडिसी, मुक्ता मेहर द्वारा कथक, पद्मश्री डॉ.अश्विनी भिड़े देशपांडे द्वारा शास्त्रीय संगीत, आरोही मुंशी द्वारा भरतनाट्यम, भूपेन्द्र बरेठ एवं ग्रुप व ऋत्वी अग्रवाल द्वारा कथक एवं डॉ.विपुल रॉय संतुर वादन पर प्रस्तुति देंगे।

2 सितम्बर: छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत की रहेगी धूम

02 सितम्बर को इशिता कश्यप द्वारा कथक, कुमारी काजल कौशिक द्वारा कथक, उस्ताद छोटे रहमत खान द्वारा सितार वादन, कलकक्षेत्र फाउंडेशन द्वारा भरत नाट्यम, सचिन कुम्हरे द्वारा कथक, छाया चंद्राकर एवं ग्रुप द्वारा छ.ग.लोकसंगीत एवं दीपक दास महंत द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी जाएगी।

3 सितंबर : अबूझमाड़ के प्रसिद्ध मलखम्ब दल का होगा अद्भुत प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देने वाले अबूझमाड़ का प्रसिद्ध मनोज प्रसाद का मलखम्ब दल 03 सितम्बर को अपने अद्वितीय कौशल और अनुशासन के साथ मलखम्ब की कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे। वहीं 4 सितंबर काे कविता वासनिक एवं ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकरंग की होगी प्रस्तुति देंगी।

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(Udaipur Kiran) / रघुवीर प्रधान

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