मुंबई, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । मराठा आरक्षण के लिए गठित कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष और मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण के लिए सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि आज मराठा आरक्षण कैबिनेट उप-समिति की बैठक में जारांगे की एक मांग को मान्य करते हुए मराठा आरक्षण के अध्ययन के लिए बनी शिंदे समिति का कार्यकाल छह महीने तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
मंत्रालय में मंगलवार को मराठा आरक्षण के लिए गठित कैबिनेट उप समिति की बैठक राधाकृष्ण विखे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक के बाद राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पत्रकारों को बताया कि इस बैठक में मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल की मांगों पर चर्चा हुई। पाटिल ने बताया कि हमने हैदराबाद के साथ-साथ मुंबई और सतारा के गैजेट की भी समीक्षा की है। पाटिल ने यह भी कहा कि हमने सगा या रिश्तेदार से संबंधित मांगों पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि मराठा आरक्षण पर शिंदे समिति को 6 महीने का विस्तार दिया गया है। मनोज जरांगे ने यह मांग की थी। उप-समिति की पहली बैठक में उस मांग को स्वीकार कर लिया गया।
विखे पाटिल ने कहा कि मनोज जारंगे पाटिल जिस मुख्य मांग के लिए लड़ रहे हैं, वह है मराठा आरक्षण। आज की बैठक के बाद हम फिर मिलेंगे।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेष पहल करते हुए मराठा समाज को आरक्षण दिया था, लेकिन महा विकास आघाड़ी के कार्यकाल में इस आरक्षण को कोर्ट ने रद्द कर दिया था। विखे पाटिल ने आरोप लगाया कि महाविकास आघाड़ी सरकार मराठा आरक्षण को बनाए रखने में असफल रही, मनोज जारांगे को इस बाबत तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राकांपा एसपी अध्यक्ष शरद पवार से इस संबंध में सवाल पूछना चाहिए। विखे पाटिल ने मनोज जारांगे से अपना प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने की अपील की है।
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(Udaipur Kiran) यादव
