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मंडी-मनाली एनएच-21 यातायात के लिए बंद, पंडोह डैम से ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है एक लाख क्यूसेक पानी

ब्यास नदी में बाढ़ विक्टोरिया पुल के करीब पहुंचा नदी का पानी।

मंडी, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । मंडी जिला के तहत आने वाले पंडोह डैम के पांचों गेट खोलकर एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे कांगड़ा और पंजाब की तरफ प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। पानी में सिल्ट की मात्रा अत्याधिक आने के कारण बग्गी टनल के लिए जाने वाली सप्लाई को भी रोक दिया गया है जिस कारण विद्युत उत्पादन भी बंद हो गया है। ब्यास नदी में जो भी पानी आ रहा है उसे डैम से सीधा आगे ब्यास नदी में ही छोड़ा जा रहा है।

डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने इस संदर्भ में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से ब्यास नदी और अन्य नदी नालों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण नदी नालों के जलस्तर में इजाफा हुआ है। पंडोह डैम से फ्लशिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने को कहा है। कुल्लू-मनाली में हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते ब्यास नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पंडोह डैम प्रबंधन को इस संदर्भ में अलर्ट प्राप्त हुआ है जिसके चलते डैम प्रबंधन ने अभी डिसिल्टिंग के कार्य को पूरी तरह से रोक दिया है। यह कार्य अब कल या फिर आने वाले दिनों में किया जाएगा।

बीबीएमबी के अधीक्षण अभियंता ई. अजयपाल सिंह ने बताया कि ब्यास नदी के पानी में पहले से ही सिल्ट की मात्रा बहुत ज्यादा आ रही है और पानी की मात्रा में भी इजाफा हो रहा है। ऐसी स्थिति में जो भी पानी डैम पर आ रहा है उसे सीधे ब्यास नदी में ही छोड़ा जा रहा है। अभी पंडोह डैम से एक लाख क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है। अजय पाल सिंह ने बताया कि पंडोह डैम से बग्गी टनल के माध्यम से डैहर पावर हाउस के लिए जो पानी भेजा जाता है उसे भी फिलहाल रोक दिया गया है। पानी में सिल्ट की मात्रा जब पांच हजार से कम होगी तो उसके बाद ही बग्गी टनल के लिए पानी की सप्लाई भेजी जाएगी। इस कारण विद्युत उत्पादन भी बंद कर दिया गया है। अभी पंडोह डैम के पांचों गेट खोल दिए गए हैं और पानी को सीधे ब्यास नदी में ही छोड़ा जा रहा है।

अजय पाल सिंह ने बताया कि पानी को छोड़ने के साथ ही पंडोह और मंडी तक लोगों को अलर्ट भी किया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा एक वाहन पंडोह डैम से लेकर मंडी तक हाईवे किनारे अनांउसमेंट करते हुए दौड़ाया जा रहा है। वहीं, प्रशासन के साथ भी हर स्थिति की जानकारी को सांझा किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो। लोगों से भी अपील है कि इस समय ब्यास नदी के किनारे न जाएं। मंडी जिला में रविवार रात से हो रही बारिश और साथ लगते कुल्लू जिला में हुई भारी बारिश के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में भारी इजाफा हो गया है।

वहीं, ब्यास नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के कारण दवाड़ा के पास फिर से पानी हाईवे पर आकर बहने लग गया है। यहां वर्ष 2023 में भी कुछ ऐसे ही हालत उत्पन्न हो गए थे और लारजी पावर हाउस को भारी नुकसान पहुंचा था। लारजी पावर हाउस के पास सराज विधानसभा क्षेत्र की गुराण और मुराह पंचायत को जोड़ने वाला झूलानुमा फुट ब्रिज भी ब्यास नदी की लहरों में समा गया। जलस्तर बढ़ने से पुल तक पानी आ पहुंचा जिस कारण यह पुल टूट गया है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह से बंद है और बहुत से लोग इस कारण फंसे हुए हैं।

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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा

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