
नालंदा, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) ।नालंदा जिले में स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में बन रहे पुल के निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं को लेकर नालंदा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अकेला ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि एल.आई.सी. कार्यालय से लेकर मेहरपर तक बन रहे पुल के निर्माण में नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें लागत, विभाग, ठेकेदार/फर्म का नाम और कार्यावधि अंकित होती है लेकिन यहां ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य लगभग तीन वर्षों से बेहद धीमी गति से चल रहा है। नगर निगम समय-समय पर नए फरमान जारी करता रहा है। हाल ही में 15 अगस्त को पुल को चालू करने की घोषणा हुई थी लेकिन आज तक काम पूरा नहीं हुआ।ट्रैफिक निवारण समिति के संयोजक दीपक कुमार ने कहा कि पुल निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है। आमतौर पर बाजार क्षेत्र में पुल निर्माण के समय दुकानदारों और आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखा जाता है, लेकिन यहां इसके उलट उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस लापरवाही से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
संगठन के सचिव डॉ.विपिन कुमार सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन के नियमों की अनदेखी संबंधित पदाधिकारी खुलेआम कर रहे हैं जिससे व्यापारियों में गहरा आक्रोश है। दुकानदारी और बाजार की आमदनी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।चैंबर के मनीष चंद्र ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने तत्काल इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया तो व्यवसाई संगठित होकर आंदोलन करेंगं।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस विषय पर विभाग के प्रधान सचिव, नालंदा डीएम और नगर आयुक्त, बिहारशरीफ को जल्द ही ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 31 अगस्त को व्यापारियों की एक बड़ी बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
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(Udaipur Kiran) / प्रमोद पांडे
