
नालंदा, 26अगस्त (Udaipur Kiran) । जिला मुख्यालय अंतर्गत स्थित नालंदा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रघुनाथ प्रसाद कच्छवे ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के वास्तविक निर्माता उसके शिक्षक होते हैं, जो छात्रों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करते हैं। वे मंगलवार को कॉलेज के बीएड विभाग में सत्र 2025–27 के लिए आयोजित इंडक्शन मीट में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को सामाजिक जीवन से जुड़े दायित्वों का बोध कराना भी शिक्षक का मौलिक कर्तव्य है।इस मौके परविशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ दर्शनशास्त्री प्रो. (डॉ.) प्रभास कुमार ने कहा कि शिक्षक का आचरण और व्यवहार छात्रों के लिए अनुकरणीय होना चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी अपने शिक्षकों से ही प्रेरणा लेते हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण से शिक्षक की गुणवत्ता और कौशल में कई गुणा वृद्धि होती है।
बीएड कोर्स केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि एक आदर्श शिक्षक बनाने की दिशा में ठोस कदम है।आगतअतिथियों का स्वागत डॉ. रंजन कुमार ने किया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा कुमारी, डॉ. उषा कुमारी, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. प्रशांत, डॉ. मिथिलेश कुमार, छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बलवीर सिंह समेत कई वरिष्ठ छात्रों ने नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम का संचालन प्रीति और नरेंद्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राजीव कुमार ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में रौशन, प्रत्यूष आनंद, अमृता, अंकुश, चंद्रशेखर, सूरज सहित अनेक छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई है।
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(Udaipur Kiran) / प्रमोद पांडे
