
धमतरी, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । खेतों में तैयार हो रही खरीफ फसल में कई तरह की बीमारियां हो गई है। फसल को बचाने किसान अपने खेतों पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं, ताकि फसल बचाया जा सके।
डाही क्षेत्र के किसान धान फसल पर लगी बीमारियों से परेशान हैं। इन दिनों ग्राम डाही सहित छाती, डांडेसरा, सेमरा, सेनचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, कसही, हंकारा, अंगारा, खम्हरिया, जुनवानी, दर्री, चिरपोटी, डोमा, गुजरा, बिरेतरा, रावनगुडा, धौराभाठा, लिमतरा, सम्बलपुर, सांकरा, भोथली, पिपरछेडीं, बगदेही, भेण्डरवानी, चोरभठी, भुसरेगा, बगौद, कन्हारपुरी, देवरी, भखारा, कोसमर्रा, कुर्रा, बंगोली, थुवा आदि गांवों में लगी धान फसल पर मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण कई तरह की बीमारियां लग गई है। कीट प्रकोप से धान फसल बचाने किसान अपने खेतों पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं, ताकि फसल बच सके। कीटनाशक छिड़काव के बाद भी तनाछेदक, पत्तीमोडक, और सफेद तितली की रोकथाम नहीं हो पा रहा है, इससे किसान काफी परेशान हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौसम के उतार चढ़ाव के कारण बीमारियां पैदा हो रही है। ग्राम डाही के किसान होला निषाद, कोमल ठाकुर, तामेश्वर सिन्हा, बिहारी सिन्हा, धनेश साहू, नूतन देवांगन, मिलावा ठाकुर, धरमसिंह मरकाम, संजय देवांगन ने बताया कि वे कई बार कीटनाशक का छिड़काव कर चुके हैं लेकिन धान फसल से बीमारियां नहीं जा रही है। फसल में लाल व पीलापन बना हुआ है। इससे धान के पौधों का विकास थम गया है। किसान परमानंद ठाकुर, रिखी ध्रुव, ग्राम कसही का कहना है कि आगामी माह दशहरा पर्व मनाने के बाद धान की कटाई शुरू हो जाएगी। हरुना धान फसल में बालियां निकल आई है, जो तैयार होने लगी है।
(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा
