

इंदौर/भोपाल, 23 अगस्त (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के इंदौर क्राइम ब्रांच ने 4 करोड़ 80 लाख रुपये के सोने के जेवरात चुराने वाले दो आरोपितों को गुजरात के पालनपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने जेवरात कार की सीट के अंदर छिपा रखे थे। पुलिस ने माल बरामद कर दोनों को इंदौर लाया गया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पीड़ित व्यापारी का ही ड्राइवर है। फिलहाल पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने शनिवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि अहमदाबाद के रहने वाले सोने के व्यापारी धर्मेंद्र भाई जयंतीलाल ने इंदौर क्राइम ब्रांच में जेवरात चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे व्यापार के सिलसिले में सैंपल लेकर विभिन्न शहरों में भेजते हैं। 9 जुलाई को उन्होंने अपने ड्राइवर के साथ 4 किलो 800 ग्राम सोने के जेवरात (कीमत करीब 4.80 करोड़ रुपए) इंदौर भेजे थे, जहां व्यापारियों को सैंपल दिखाए जाने थे। ड्राइवर ने यह कीमती जेवरात दो बैगों में कार की सीट में रखे और गंगवाल बस स्टैंड के पास से अपने साथी मसरू राबरी के साथ फरार हो गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। क्राइम ब्रांच ने जांच करते हुए दोनों आरोपियों को गुजरात के पालनपुर से गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपित राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में फरारी काट रहे थे। क्राइम ब्रांच की टीम लगातार ट्रैकिंग में लगी रही और अंततः दोनों आरोपितों मसरू रबारी और प्रेमपाल सिंह को गुजरात के पालनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रेमपाल सिंह दूसरी गाड़ी से घटनास्थल पर पहुंचा था। वारदात के बाद चोरी किए गए जेवरात कार की सीट में छिपा दिए गए थे। पुलिस ने वह कार जब्त कर ली है और सीट के भीतर से सारे जेवरात बरामद कर लिए हैं। इसके बाद दोनों आरोपियों और जब्त माल को इंदौर लाया गया है।
जांच में सामने आया कि प्रेमपाल सिंह एक सक्रिय शराब तस्कर है। उस पर हत्या की कोशिश (धारा 307) के दो मामले दर्ज हैं और वह कई बार फायरिंग की घटनाओं में भी शामिल रहा है। पुलिस को उसे पकड़ने के लिए विशेष रणनीति बनानी पड़ी। फिलहाल, दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी है और मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
(Udaipur Kiran) / उम्मेद सिंह रावत
