
श्रीनगर 20 अगस्त (Udaipur Kiran) । खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा सेवा एवं खेल, तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा ने प्रौद्योगिकी और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नए तकनीकी नवाचार लोगों की वास्तविक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए जाएँ। मंत्री ने यह बात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक समीक्षा बैठक में कही।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक डॉ. नासिर शाह, मुश्ताक अहमद, अतिरिक्त सचिव, नीलम खजूरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सतीश शर्मा ने कहा कि तकनीकी प्रगति केवल प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि व्यावहारिक, जन-अनुकूल समाधानों में तब्दील होनी चाहिए जिनसे समाज को सीधा लाभ हो। उन्होंने विभाग को अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और ऐसे इनक्यूबेशन सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए जहाँ नवीन विचारों को व्यवहार्य उद्यमों में विकसित किया जा सके। उन्होंने स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बने।
मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी केवल नवाचार के लिए नवाचार नहीं बल्कि लोगों के लिए नवाचार होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उद्योगों और संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। बैठक के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट और चल रही पहलों को प्रस्तुत किया।
मंत्री ने जम्मू और कश्मीर में विज्ञान-संचालित विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बुनियादी ढाँचे और नीतियों को और मज़बूत करने में सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बाद में मंत्री ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नवनियुक्त अनुसंधान सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
(Udaipur Kiran) / सुमन लता
