नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (Udaipur Kiran) । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। इसके साथ ही एक दशक से अधिक समय तक चली उनकी नेतृत्व यात्रा का समापन हो गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप की ऐतिहासिक जीत उनके कप्तानी कार्यकाल का सबसे बड़ा पड़ाव रही। हालांकि, 36 वर्षीय हरमनप्रीत खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम में योगदा देती रहेंगी।
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने हरमनप्रीत के नेतृत्व को भारतीय क्रिकेट के इतिहास में विशेष स्थान वाला बताया। उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत ने ऐसे समय टीम की कमान संभाली, जब महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा था। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में दुनिया की मजबूत टीमों को चुनौती दी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा।
मन्हास ने 2025 विश्व कप की जीत को हरमनप्रीत की कप्तानी का निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता वर्षों की मेहनत, प्रगति और विश्वास का परिणाम थी। एशियाई खेलों में जीते दो स्वर्ण पदक और उनके कार्यकाल में मिली कई अहम जीत भी भारतीय महिला क्रिकेट में उनके योगदान को रेखांकित करती हैं।
उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत का अनुभव, खेल की समझ और ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी टीम के लिए आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी। बीसीसीआई अध्यक्ष ने कप्तानी के दौरान जिम्मेदारी निभाने के लिए उनका आभार जताया और खिलाड़ी के रूप में उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी हरमनप्रीत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने टीम के उतार-चढ़ाव के दौर में भी विश्वास बनाए रखा। उनके मुताबिक, लंबे इंतजार के बाद 2025 में भारत को पहली महिला क्रिकेट विश्व कप ट्रॉफी दिलाना हरमनप्रीत के नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेगा।
सैकिया ने कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब हरमनप्रीत को लगता है कि टीम नए नेतृत्व के साथ अगले अध्याय के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरमनप्रीत का अनुभव और युवा खिलाड़ियों के लिए उनकी मिसाल भारतीय टीम के लिए आगे भी उपयोगी साबित होगी।
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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय