Uttar Pradesh

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,05,301 वादाें का रिकॉर्ड निस्तारण

जनपद न्यायाधीश

प्रयागराज, 09 मार्च (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय व समस्त तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संतोष राय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,05,301 वादों का निस्तारण किया गया।

यह जानकारी सुशील कुमारी प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दी। उन्होंने बताया कि जनपद न्यायाधीश प्रयागराज द्वारा 3 वाद निस्तारित किए गए। फौजदारी के कुल 4216 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय बालमुकुंद ने 18 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया। पारिवारिक न्यायालय द्वारा कुल 83 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया। परिवार न्यायालय से कुल 14 जोड़ों की विदाई हुई, सभी दाम्पत्य जोड़े एक दूसरे को माला पहनाकर व मिठाई खिलाकर दाम्पत्य जीवन का हंसी खुशी निर्वहन करने हेतु न्यायालय से विदा हुए।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी उत्तरी राम कुशल द्वारा 345 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 13,53,27,207 रुपए प्रतिकर प्रदान कराया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी दक्षिणी प्रदीप कुमार द्वारा 94 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 3,91,41,993 रुपए प्रतिकर प्रदान कराया। रामकेश पीठासीन अधिकारी कामर्शियल कोर्ट द्वारा 10 वादों का तथा चंद्रपाल द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश ईसी एक्ट द्वारा विद्युत के 726 मामलों का निस्तारण किया गया।

डॉ लकी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 1814 वाद, अमित कुमार रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा 1061 वाद, श्रीमती दीक्षाश्री वर्चुअल कोर्ट ट्रैफिक द्वारा कुल 9100 प्रि लिटिगेशन वाद निस्तारित किए गए। राजस्व न्यायालय द्वारा कुल 1,32,718 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक के प्री लिटिगेशन के 1702 मामले निस्तारित किए गए। नोडल अधिकारी-एडीजे लोक अदालत रवि कांत द्वितीय के निर्देशन में समस्त विभागों से समन्वय स्थापित कर लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

(Udaipur Kiran) /विद्या कान्त/आकाश

Most Popular

Copyright © Rajasthan Kiran

To Top