Uttrakhand

निरंकारी मिशन ऋषिकेश ने आयोजित किया महिला समागम

निरंकारी संत समागम में उपस्थित महिलाएं छाया विक्रम
निरंकारी संत समागम में उपस्थित महिलाएं छाया विक्रम

-मनुष्य का जीवन ईश्वर को जानने के लिए हुआ है : सविंद्र कौर

ऋषिकेश, 10 मार्च (Udaipur Kiran) । संत निरंकारी मिशन ब्रांच ऋषिकेश ने महिला समागम का आयोजन किया। मसूरी की ज्ञान प्रचारिका सविंदर कौर ने सतगुरु का पावन संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन ईश्वर को जानने के लिए हुआ है ईश्वर को जानकर ही जीवन में एकत्व स्थापित हो जाता है। अपने मन को ईश्वर के साथ जोड़कर ही जीवन में सुकून की प्राप्ति होती है। और यह जीवन प्यार, प्रेम, सहजता, विनम्रता, मधुरता, त्याग, सेवा आदि गुणों से सुशोभित हो जाता है।

मानव जीवन प्राप्त हुआ है तो मानवीय गुणों को अपनाते हुए सबको परमात्मा का रूप देखते हुए सबके साथ समान प्यार सत्कार वाला व्यवहार करते जाना ही भक्ति है। अपने विचारों में आगे फरमाया कि किसी का नुकसान करने के लिए ही क्रोध की आवश्यकता होती है वरना संसार में सब कुछ करने के लिए प्यार ही काफी है। संत हमेशा चेतन कर रहे हैं कि काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि को काबू करना है।

संत का जीवन सब की भलाई के लिए होता है जब हृदय परमात्मा से जुड़ जाता है तो परोपकार के भाव बने रहते हैं परमात्मा से जुड़ने पर जीवन में सुकून की तलाश नहीं करनी होती वह स्वत ही प्राप्त हो जाता है। सेवा सत्संग सुमिरन करते हुए परमात्मा पर विश्वास मजबूत होता है।

परमात्मा ही प्रेम है जिसने परमात्मा को जान लिया वह प्रेम से वंचित नहीं रह सकता। जीवन की मान्यताओं के आधार पर नहीं, सत्य के आधार पर जीवन जीना ही भक्ति है।

महिला समागम में ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, बालावाला, रायवाला, भोगपुर आदि आसपास के क्षेत्र से लगभग 950 शर्धलुओ ने आशीर्वाद प्राप्त किया। संचालन उषा चौहान ने किया।

(Udaipur Kiran)

/रामानुज

Most Popular

To Top