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ओलंपिक ट्रायल के लिए पहलवानों को आमंत्रित करने संबंधी सर्कुलर वापस लेगा भारतीय कुश्ती संघ

नई दिल्ली, 07 मार्च (Udaipur Kiran) । भारतीय कुश्ती संघ एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स एंड वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स के दूसरे सेलेक्शन ट्रायल के लिए पहलवानों को आमंत्रित किए जाने संबंधी सर्कुलर को वापस लेगा। इस बात की सूचना भारतीय कुश्ती संघ ने दिल्ली हाई कोर्ट को दी। जस्टिस सचिन दत्ता ने इस मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को करने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान जब भारतीय कुश्ती संघ ने कहा कि वो सेलेक्शन ट्रायल संबंधी सर्कुलर वापस लेगा तब हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल भारतीय कुश्ती संघ के काम को देख रहे तदर्थ समिति के सर्कुलर के मुताबिक होगा। तदर्थ समिति ने एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स के लिए 19 से 21 अप्रैल को नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, पटियाला और वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स के लिए 9 से 12 मई को स्पोर्ट्स अथॉरिटी कांप्लेक्स सोनीपत में आयोजित करने का सर्कुलर जारी किया है।

याचिका बजरंग पुनिया समेत चार पहलवानों ने दायर की है। याचिका में भारतीय कुश्ती संघ की ओर से आयोजित सेलेक्शन ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए 4 मार्च को कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय कुश्ती संघ को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान पहलवानों की ओर से वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने भारतीय कुश्ती संघ की ओर से एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स एंड वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स के दूसरे सेलेक्शन ट्रायल के लिए पहलवानों को आमंत्रित किए जाने को चुनौती देते हुए सेलेक्शन ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि 21 दिसंबर 2023 को भारतीय कुश्ती संघ का चुनाव स्पोर्ट्स कोड का खुला उल्लंघन था।

याचिका दायर करने वालों में बजरंग पुनिया के अलावा विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान शामिल हैं। याचिका में भारतीय कुश्ती संघ की ओर से एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स एंड वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स के दूसरे सेलेक्शन ट्रायल के लिए पहलवानों को आमंत्रित किए जाने को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित कर रखा है और ऐसे में भारतीय कुश्ती संघ को ट्रायल के लिए पहलवानों को आमंत्रित करने का अधिकार नहीं है।

याचिका में कहा गया है कि भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने भारतीय कुश्ती संघ के कामकाज को देखने के लिए एक तदर्थ कमेटी का गठन किया था। भारतीय कुश्ती संघ अपनी कानूनी स्थिति जानने के बाद भी सेलेक्शन ट्रायल के लिए पहलवानों को आमंत्रित कर रहा है। याचिका में कहा गया है कि जब तक भारतीय कुश्ती संघ को ऐसे आयोजन करने और सर्कुलर जारी करने से रोका नहीं जाएगा, तब तक वो गैरकानूनी तरीके से पहलवानों को दिग्भ्रमित करने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करता रहेगा। याचिका में कहा गया है कि तदर्थ समिति ने भी जो सेलेक्शन ट्रायल की तिथि तय की है, वहीं तिथि भारतीय कुश्ती संघ ने भी तय की है। ऐसा होने से पहलवानों में काफी भ्रम होगा।

बता दें कि इन पहलवानों ने भाजपा सांसद एवं भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस भी दर्ज कराया है, जो राऊज एवेन्यू कोर्ट में लंबित है।

(Udaipur Kiran) /संजय/आकाश

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