Uttrakhand

सरकार का पेयजल संकट पर ध्यान नहीं : सूर्यकांत धस्माना

Government not paying attention to drinking water crisis: Dhasmana

देहरादून, 26 मई (Udaipur Kiran) । कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि उत्तराखंड के सभी पहाड़ी, मैदानी जिलों के प्रमुख शहरों में पीने के पानी का गहरा संकट छाया हुआ है, जिससे आम जनता के साथ साथ राज्य में आने वाले तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को पीने के पानी के लाले पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास इस संकट से निपटने की कोई योजना नहीं है।

प्रदेश उपाध्यक्ष धस्माना कांग्रेस प्रदेश कैंप कार्यालय में रविवार को पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने भीषण गर्मी पड़ने की भविष्यवाणी की हुई थी और राज्य में मार्च के महीने से ही जंगलों में आग की घटनाएं घटनी शुरू हो गई थी और मई आते आते विकराल रूप धारण कर लिया। अब तक लगभग दो हजार हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ गया जिससे पानी के कई प्राकृतिक स्रोत सुख गए । उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार भूमिगत पानी रीचार्ज के क्षेत्र में भी कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर रही जिसके कारण अधिकांश जल धाराएं लुप्त हो रहे हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि इस समय राज्य में चारधाम यात्रा चल रही है, जिसमें रिकॉर्ड तोड़ तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं और साथ ही देश विदेश से सैलानी भी उत्तराखंड आ रहे हैं, लेकिन पूरे राज्य में पीने के पानी का आलम यह है कि न तो स्थानीय जनता के लिए पर्याप्त पानी का इंतजाम है और ना ही सैलानियों और तीर्थयात्रियों को आवश्यक मात्रा में पानी मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार जल आपूर्ति का कोई ठोस इंतजाम नहीं कर पा रही।

राजधानी देहरादून के जल संकट पर उन्होंने कहा कि हमने मई की शुरुआत में ही जल संस्थान की मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग का घेराव कर देहरादून के जल संकट से अवगत कराया था। इसके समाधान की मांग की थी किंतु स्थितियों और खराब हो गई हैं और पूरे महानगर में इस वक्त गंभीर पानी का संकट है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। धस्माना ने कहा कि राज्य सरकार को तत्काल राज्य में पैदा हुए पानी के संकट को युद्धस्तर पर दूर करना चाहिए अन्यथा कांग्रेस को मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

(Udaipur Kiran) / साकेती/सत्यवान/रामानुज

Most Popular

To Top