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डीआरडीओ स्वदेशी रूप से विस्फोटक डिटेक्टरों की दो अलग-अलग श्रेणियां विकसित की

नई दिल्ली, 7 मार्च (Udaipur Kiran) । इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल), परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारतीय सुरक्षा बलों के लिए स्वदेशी रूप से विस्फोटक डिटेक्टरों की दो अलग-अलग श्रेणियां विकसित की हैं।

विस्फोटक डिटेक्टरों को हाल ही में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने सुरक्षा बलों के साथ तैनाती के लिए निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को सौंप दिया था। इस अवसर पर एसपीजी, एनएसजी, सीआईएसएफ, एलटीबीपी, एसएसबी, बीसीएएस, एसएफएफ और भारतीय सेना जैसी विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

गृह मंत्रालय के अनुसार डिटेक्टरों को आईबी द्वारा क्षेत्र में तैनाती के लिए 12 चिन्हित सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया जाएगा। भारत सरकार के पीएसए ने डिटेक्टरों के सफल उत्पादीकरण को आत्मनिर्भर भारत का एक चमकदार उदाहरण करार दिया।

क्रमशः आयन मोबिलिटी स्पेक्ट्रोमेट्री (एलएमएस) तकनीक और रमन बैक स्कैटरिंग (आरबीएस) सिद्धांत पर आधारित डिटेक्टरों को सुरक्षा एजेंसियों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया गया है।

(Udaipur Kiran) / अनूप/जितेन्द्र

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