Madhya Pradesh

बड़वानीः फर्जी हीबानामा के आधार पर मकान नामांतरण करने वाले पिता-पुत्र को कारावास

बड़वानी, 23 मई (Udaipur Kiran) । प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संध्या मनोज श्रीवास्तव की अदालत ने अपने एक फैसले में किराएदार पिता-पुत्र को मकान मालिक के मकान को नगरपालिका में फर्जी हीबानामा पेश कर नामांतरण करने के आरोप में क्रमशः पांच और सात वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक शिवपाल सिंह सिसोदिया ने की

अतिरिक्त लोक अभियोजक सिसोदिया ने गुरुवार को प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी मकान मालिक असलम पुत्र रफीक ने 7 अगस्त 2021 को एक आवेदन दिया था, जिसमें उसने बताया कि उसका अंजड नगर के वार्ड नं 11 में एक मकान नगरपालिका में दर्ज है। इस मकान को उसने बशीर पुत्र सफी खान तथा उसके पुत्र इमरान निवासी अस्पताल चौक अंजड को किराए से दिया था। जिसके सम्बन्ध में विवाद होने पर हाईकोर्ट में प्रकरण विचाराधीन होकर कोर्ट का स्टे है। इसी बीच आरोपित बशीर द्वारा 6 नवंबर 2019 को नगरपालिका में हीबानामा के आधार पर नामांतरण की कार्यवाही की गई, जिसके सम्बन्ध में आपत्ति भी की गई। आरोपित बशीर खान ने 25 अगस्त 2020 को फर्जी शपथपत्र तैयार कर नगर पालिका अंजड में पेश किया। फरियादी की शिकायत के आधार पर पुलिस अंजड द्वारा जांच उपरांत आरोपित बशीर एवं इमरान के विरुद्ध धारा 420,467,468,470,34 आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज किया।

पुलिस द्वारा आरोपितों के विरुद्ध अभियोग पत्र अंजड न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से प्रकरण उपार्पित होकर न्यायालय में निराकरण हेतु आया। प्रकरण में हस्तलिपि विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण साबित हुई। न्यायालय द्वारा आरोपित बशीर तथा इमरान को आईपीसी की धारा 467,408 में दोष मुक्त किया, वहीं धारा 420/34 तथा धारा 471में दोषसिद्धि मानते हुए क्रमशः पांच वर्ष व सात वर्ष कठोर कारावास व 1000-1000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में एक अन्य सह आरोपित को फर्जी दस्तावेज तैयार करने में सहयोग करने के आरोप में साक्ष्य नहीं होने से बरी कर दिया गया। प्रकरण में पुलिस की ओर से अनुसंधान आरसी चौहान द्वारा किया गया।

(Udaipur Kiran)

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