Haryana

गुरुग्राम: चुनाव संपन्न होते ही घरों में दुबके नेता-कार्यकर्ता, लगा रहे गुणा-भाग

फोटो नंबर-03: भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह।
फोटो नंबर-04: इंडिया गठबंधन प्रत्याशी राज बब्बर।

-सोशल मीडिया पर हार-जीत के लगा रहे हैं कयास

-हर प्रत्याशी अपनी जीत के प्रति आश्वस्त

गुरुग्राम, 26 मई (Udaipur Kiran) । करीब एक महीने तक भीषण गर्मी के बीच चुनाव प्रचार करके जनता तक अपनी बात पहुंचाने वाले नेता और उनके कार्यकर्ता चुनाव होते ही अपने घरों में दुबक गए हैं। चुनाव की थकान उतारने, चुनाव समाप्ति के बाद जनता का अभिवादन सोशल मीडिया के माध्यम से ही किया जा रहा है। चुनाव मैदान में प्रत्याशी अपने परिवार के साथ रहे। हालांकि घरों पर भी चर्चा चुनाव की ही रही। कुछ कार्यकर्ताओं ने इस तरह की जानकारियां सांझा की।

चुनाव के बाद सार्वजनिक तौर पर ना तो प्रत्याशी नजर आ रहे हैं और उनके दलों के नेता भी कम नजर आ रहे हैं। मुख्य दल भाजपा व कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं से चुनाव पर चर्चा हुई। स्वाभाविक है कि दोनों तरफ से ही अपनी-अपनी जीत के दावे किए गए। वोटों का धु्रवीकरण समेत कई विषयों पर गुणा-भाग करके नेता अपने प्रत्याशी की जीत की बात कह रहे हैं। कोई कह रहा है मुस्लिम वोट बैंक भारी पड़ेगा तो कोई यादव वोट बैंक के सहारे चुनाव रूपी नैया पार लगाने के सपने संजो रहा है। दोनों दलों के नेताओं का कॉन्फिडेंस भी गजब का नजर आ रहा है। परिणाम 4 जून को आने हैं। उसी दिन हार-जीत तय होगी। फिलहाल तो कोई भी हार मानने को तैयार नहीं है। प्रत्याशी अपने परिवारों के साथ समय व्यतीत कर रहे हैं। परिवारों में भी चुनाव पर ही चर्चा हो रही है।

बीजेपी, कांग्रेस प्रत्याशियों की बेटियों ने पिता के लिए बहाया पसीना

भीषण गर्मी के बीच चुनाव प्रचार करने में जुटीं रही भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव, इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर के साहस की भी खूब सराहना हो रही है। राजघराने जैसे माहौल में पली-बढ़ी दोनों प्रत्याशियों की बेटियों ने चुनाव प्रचार में खूब पसीना बहाया है। अपने-अपने पिता की खूबियों को जनता के बीच बेहद ही खूबी के साथ उन्होंने रखा। आरती राव ने अपने पिता राव इंद्रजीत को ईमानदारी और जनता के लिए तन-मन-धन से काम करने वाला नेता बताया। उन्होंने खुद को जनता से जोडऩे के लिए-बेटी हूं, अपना हक लूंगी जैसे खास शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी तरह जूही बब्बर ने भी अपने पिता को विकास करने वाले नेता के रूप में परिचित कराया। पूर्व में वे जहां से सांसद रहे, वहां के विकास की चर्चा की। दमदार अभिनेता के साथ साफ छवि के नेता के रूप में जूही बब्बर ने अपने पिता को जनता के बीच गुरुग्राम के लिए जरूरी बताया। यहां के विकास के लिए उन्हें ही जिताने की अपील की। इस तरह से दोनों प्रत्याशियों की बेटियों की भूमिका चुनावी रण में महत्वपूर्ण और मजबूत रही। फिलहाल दोनों प्रत्याशियों के परिवार, पार्टी, सहयोगी नेता, कार्यकर्ता अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। हार-जीत 4 जून को तय होगी।

(Udaipur Kiran) /ईश्वर

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