उदयपुर. होम गाड्र्स को काम देने में भी भ्रष्टाचार हुआ है, ये रिपोर्ट सरकार की है । हालात ये है कि गृह रक्षा विभाग में स्वयं सेवकों की पैसे लेकर ड्यूटी लगाने एवं भ्रष्टाचार के पिछले 5 वर्षों यानी 2016 से 2020 तक 130 शिकायतें सामने आई है, इनमें से केवल 9 प्रकरण में ही दोषी कार्मिकों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की गई है, जो विचाराधीन है, एक प्रकरण में दोषी कार्मिक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई कर दण्डित किया जा चुका है।
—-

अधिकारी व कार्मिक शामिल
– 7 अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों में विभागीय कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। शेष शिकायतें गुमनाम श्रेणी की होने तथा साक्ष्यों के अभाव में जांच चल रही है।

—–
एजेंसी की मांग के अनुसार करते हंै नियोजन

– गृह रक्षा स्वयंसेवकों के नियोजन की शर्तों पर सहमति प्राप्त होने के उपरान्त मांगकर्ता एजेन्सी की मांग के अनुसार स्वयंसेवकों का नियोजन उनकी सहमति एवं रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जाता है। मांगकर्ता एजेन्सी की आवश्यकतानुसार कुछ स्वयंसेवकों का नियोजन निरन्तर किया जाता है, जिसकी नीति निर्धारत की गई है।
– गृह रक्षा स्वयं सेवकों का नियोजन मांगकर्ता एजेन्सी की मांग पर निर्भर करता है। स्वयं सेवक को ड्यूटी नियोजन का औसतन निर्धारण किया जाना संभव नहीं है। जैसे कि अनेक बार स्वयं सेवक उपलब्ध नहीं होते हंै व निजी कारणों से ड्यूटी करने में असहमति जताते हैं। प्रत्येक स्वयंसेवक को औसतन हर 4 माह मे एक माह के लिए नियोजन के अवसर जरूर प्राप्त होते हैं।

—–
वर्ष 2019-20 में गृह रक्षा स्वयंसेवक लगाए

– शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर प्रदेश के 18984 को लगाया गया। इसमें उदयपुर में 890, जयपुर में 2625, जोधपुर 1491, कोटा 1450, बीकानेर 656, अजमेर 578 और भरतपुर में 490 लोगों को होम गाड्र्स नियोजित किया गया।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *