कई सुविधाएं हुई प्रभावित
लूणदा (उदयपुर). प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लूणदा इन दिनों खुद ही बीमार चल रहा है। यहां स्टाफ के साथ साथ सुविधाओं का भारी अभाव है। अगस्त 2020 तक यह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पीपीपी मोड पर था, जिसमें मरीजों को सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल रही थीं लेकिन सरकार का अनुबंध खत्म हुआ और सरकार ने अपने अधीन पुन: ले ली। इसके बाद से यहां बीते नौ माह में एक भी प्रसव नहीं हुआ है। साथ ही नौ माह पूर्व रोगियों की संख्या सौ से अधिक रहती थी वहीं सुविधाओं के अभाव में 30-35 का ही आउटडोर रह गया है।
वर्ष 200९ में एड पोस्ट डिपेंसरी से इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्रमोन्नत किया गया। लेकिन पुरानी पीएचसी भवन पर स्थाई डॉक्टर की सुविधा नहीं मिल पाई, जिसके बाद ग्रामीणों को यही आस थी कि एकबार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का नया भवन बन जाए तो सब व्यवस्था ठीक हो जाएंगी। जिसके बाद 2014 में नया भवन भी बन गया और इसका लोकापर्ण तत्कालीन विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के हाथों हुआ। उस वक्त नई पीएचसी भवन को पीपीपी मोड पर भी दे दिया गया था। करीब एक वर्ष तक तो मरीजों को यहां नये नये प्राईवेट कर्मचारियों पर भरोसा नहीं आया, जैसे जैसे समय बीता वैसे-वैसे पीएचसी बेहतर ढंग से चलने लगी। जैसे ही कोरोना की पहली लहर कम पडी और अगस्त 2020 ने इसका अनुबंध समाप्त हुआ वैसे ही सरकार ने इसे अपने अधीन ले लिया जिसके बाद से यह पुन: 2014 से पहले की स्थिति में आ गई।
इधर-उधर इलाज कराने को विवश हैं मरीज
यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर व्यवस्थाएं पूरी नहीं मिलने के कारण लोगों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। क्योंकि यहां से कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 10 किमी है जबकि अमरपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय से 15 किमी हैं। ऐसे में मौसमी बीमारियों के समय निजी अस्पतालों में मरीजों को उपचार लेना पड़ रहा है।
जब पीपी मोड पर था तब यहां पूरा स्टाफ था
पीएचसी के अंतर्गत करीब 6 सब सेन्टर आते हैं एवं इन सब सेन्टरों के अंतर्गत कई प्रसव हुए हैं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र लूणदा में बीते नौ माह में एक भी प्रसव नहीं हुआ। जबकि इन सब सेन्टरों के अंतर्गत जो प्रसव हुए व अन्यत्र चिकित्सालयों में हुए। जिसका मुख्य कारण यह है कि नौ माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पीपीपी मोड पर संचालित था और यहां निजी संस्था का पूर्ण रूप से स्टाफ भी लगा हुआ था। इधर सरकार की ओर से पीएचसी पर प्रसव के लिए आवश्यक संसाधनों के लिए लाखों रुपए खर्च कर संसाधन लगवा दिये जो धूल फ ांक रहे हैं।
स्टाफ की कमी
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लूणदा पर एक एलटी, एक फार्मेसिस्ट, एक एलएचवी, दो जीएनएम व दो एएनएम के पद रिक्त हैं। आपतकालीन सेवा भी नहीं यहां पर 104 व 108 की एंबुलेंस का अभाव है ऐसे में प्रसूताओं सहित मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *