उदयपुर. सुखेर थाना पुलिस ने आठ युवाओं की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर रेलवे अधिकारी समेत छह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि भारतीय रेलवे में टीसी और स्टाफ नर्स की भर्ती के नाम पर लाखों रुपए हड़पे गए। केंद्र सरकार और रेलवे के नाम, मोनो, अशोक स्तम्भ का प्रयोग कर झूठे मेडिकल प्रमाण पत्र, नियुक्ति पत्र, पीवीआर जॉइनिंग लेटर और पोस्टिंग ट्रेनिंग लेटर जारी किए गए। यही नहीं रेलवे की मोहर और हस्ताक्षर कर युवाओं के साथ धोखाधड़ी की गई।

थानाधिकारी मुकेश सोनी ने बताया कि नान्दवेल वल्लभनगर निवासी कंचन गर्ग, अमर नगर मल्लातलाई निवासी रचना सेन, सेक्टर 12 सवीना निवासी विजयराज खेतरा, नान्दवेल निवासी पूर्णाशंकर गर्ग, दीपक गर्ग, बांसला, बांसवाड़ा निवासी जितेन्द्रसिंह मछार, उनवास, राजसमंद निवासी अपर्णा पालीवाल, कांटी, चित्तौडग़ढ़ निवासी रामसिंह गहलोत ने रिपोर्ट दी। इसी को लेकर उदयपुर रेलवे अधिकारी अरावली कॉम्प्लेक्स उदयपुर निवासी डॉ. प्रखर मारू, पुणे (महाराष्ट्र) निवासी संतोष शंकर पाटिल, नई दिल्ली में कार्मिक देवेन्द्र कुमार, रेलवे ऑफिसर निलेश किशोर प्रसाद, उत्कर्ष कुमार, इलाहबाद रेलवे कार्मिक योगेश उपाध्याय के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। युवाओं ने वकील नरेन्द्र कुमार जोशी और ख्यालीलाल गर्ग के साथ कलक्ट्रेट पहुंच पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन दिए थे।
ये है युवाओं के आरोप
रेलवे में भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए वकील जोशी ने बताया कि उदयपुर रेलवे में वरिष्ठ मंडल चिकित्साधिकारी डॉ. प्रखर मारू है, जिसने पीडि़तों से रेलवे में टीसी भर्ती में 12 लाख और स्टाफ नर्स भर्ती के नाम पर 15 लाख ले लिए। सभी के एक करोड़ आठ लाख रुपए राशि हड़पना बताया गया है। बताया कि डॉ. मारू के पिता बीआर मारू रेलवे में उच्च पद पर कार्यरत रहे हैं।

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